पूर्व क्रिकेटर मुनाफ पटेल की अनकही कहानी।

यूं तो भारतीय क्रिकेट टीम में देश के कोने-कोने से खिलाड़ी खेले हैं. और अपने प्रदर्शन से लोगों का दिल जीता है. फिर भी मुनाप पटेल की कहानी सबसे अलग है. मुनाफ पटेल ने टाइल फैक्टरी से क्रिकेटर बनने का सफर तय किया है. बेहद ही गमगीन भरी शुरूआत रही है मुनाफ के जीवन की. अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से सबको मुरीद बनाने वाले मुनाफ पटेल ज्यादा समय तक भारत के लिए नहीं खेले फिर भी मुनाफ ने एक अलग मुकाम हासिल किया है. सन्यास लेने से पहले मुनाफ पटेल ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 15 सालों में 13 टेस्ट और 70 वनडे इंटरनेशनल मैच इंडिया के लिए खेले थे.

शुरूआती जीवन

मुनाफ पटेल का जन्म 12 जुलाई 1983 को गुजरात में हुआ. मुनाफ घर से बहुत गरीब थे. गरीबी में अपने पिता का सहयोग करने के लिए मुनाफ ने एक टाइल फैक्टरी में काम करना शुरू कर दिया, जहां उन्हें 8 घंटे काम करने पर 35 रुपए रोज मिलता था. विश्वास करना थोड़ा मुश्किल होगा. लेकिन यह ही है कि सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से मुनाफ एक थे, जिन्होंने भारत को कई बार जीत हासिल करवाने में मदद की थी वह कभी मजदूरी का काम करते थे.

कुछ सालों के बाद मुनाफ की मुलाकात उनके गांव के ही एक व्यक्ति युसुफ भाई से हुई. मुनाफ से युसुफ ने उनके क्रिकेट करियर को जारी रखने के लिए बड़ौदा ले जाने को कहा. उस समय तक मुनाफ चप्पलों में क्रिकेट खेला करते थे. युसुफ ने उन्हें जूते दिलवाए और क्रिकेट क्लब में भर्ती करवाया.
क्रिकेट कोचिंग में मुनाफ की प्रतिभा को कई लोगों ने सराहा और उन्हें लगातार मौके मिलने लगे. मुनाफ कहते हैं कि पूर्व विकेटकीपर किरन मोरे ने उनसे एक भी पैसा लिए हुए उन्हें ब्रांडेड जूतों का पहला जोड़ा खरीदवाया था.
अंतरराष्ट्रीय करियर

मुनाफ पटेल ने साल 2006 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था. आईपीएल में पहले ‘गुजरात लायन्स’ और फिर ‘मुंबई इंडियन्स’ के लिए खेलने वाले मुनाफ ने एक अलग मुकाम हासिल किया. मुश्किलों से ना हारने वाले मुनाफ पटेल भारत को साल 2011 में वर्ल्डकप दिलवाने में सहयोगी बने थे क्योंकि इस विश्वकप में मुनाफ पटेल ने 11 विकेट अपने नाम किए थे. मुनाफ पटेल ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 15 सालों में 13 टेस्ट और 70 वनडे इंटरनेशनल मैच इंडिया के लिए खेले थे. उसके बाद संन्यास ले लिय़ा.

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