पढ़िए महिला क्रिकेटर मिताली राज के जीवन के बारे में।

मिताली राज एक भारतीय महिला क्रिकेटर है. जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान भी रही है. मिताली राज सबसे ज्यादा रन बनाने वाली अन्तरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट प्लेयर है. मिताली लगातार सात अर्द्धशतक लगाने वाली अकेली क्रिकेटर है. ये टेस्ट क्रिकेट मैच में भी दोहरा शतक बनाने वाली पहली महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं. मिताली राज भरतनाट्यम में करियर बनाना चाहती थी. पापा कि जिद ने क्रिकेटर बना दिया.
जन्म

मिताली राज का जन्म 3 दिसम्बर 1982 को राजस्थान के जोधपुर में एक तामिल परिवार में हुआ था. मिताली के पापा इंडियन एयरफ़ोर्स में थे और माता एक गृहणी है. मिताली ने भरतनाट्यम अच्छे से सीख लिया था. लेकिन मिताली के पापा नहीं चाहते थे कि बेटी इस लाइन में जाए. पिता ने मिताली को क्रिकेट की कोचिंग दिलवानी शुरू कर दी. मिताली आंध्रा प्रदेश में क्रिकेट की कोचिंग अपने भाई के साथ लेती रही. फिर क्रिकेट को ही मिताली ने अपना करियर बनाने के लिए चुन लिया.
करियर

14 साल की उम्र में ही मिताली को 1997 में विश्व कप में शामिल कर लिया गया था. हालांकि मिताली को अंतिम 11 में शामिल नहीं किया गया. 1999 में मिताली राज ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय डेब्यू मैच में ही उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ नाबाद 114 रनों की पारी खेली. जनवरी 2002 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया लेकिन दुर्भाग्य से वो जीरो रन पर आउट हो गई. हालांकि दूसरे टेस्ट में जबरदस्त वापसी करते हुये उन्होंने 214 रनों की अदभुत पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया के कैरण रोल्टन के 209 रनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. मिताली बिमारी के कारण कुछ समय के लिए टीम से बाहर हो गई.

2005 विश्व कप में मिताली ने अपने प्रदर्शन से अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया. हालांकि फाइनल में ऑस्ट्रलिया से हार का सामना करना पड़ा था. मिताली पहली महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय वनडे मैचों में लगातार सात बार अर्द्धशतक जड़े हैं.महिला एवं पुरुष, दोनों वर्गों के क्रिकेट में सिर्फ जावेद मियांदाद ही उनसे आगे हैं जिनके नाम लगातार नौ अर्द्ध-शतक जड़ने का ख़िताब है. मिताली राज को “अर्जुन अवार्ड” और पदम् श्री से सम्मानित किया जा चुका है.

Leave a Reply

%d bloggers like this: