तीखी बहस के साथ लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश।

आज लोकसभा में तीखी बहस के साथ तीन तलाक बिल पेश हुआ. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में बिल पेश करते हुआ कहा जब मुस्लिम देशों में तीन तलाक बैन है तो भारत में क्यों नहीं हो सकता. रविशंकर प्रसाद ने सदन में बिल पेश करते हुए कहा कि ने संसद से तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाने को कहा था.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि महिलाओं के साथ न्यापय हमारे संविधान का मूल दर्शन है. हमारी सरकार का यह मूल एजेंडा है. और तीन तलाक पर सरकार न्याय दिलाकर रहेगी. प्रसाद ने कहा कि ‘तीन तलाक को सियासी चश्मे से न देखें. मामूली बातों पर तीन तलाक दिया जा रहा है. तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 24 जुलाई, 2019 तक ट्रिपल तलाक के 345 मामले सामने आ चुके हैं.
बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने बिल के समर्थन में कहा कि ‘जब हिंदू कोड बिल लाया गया तब यही बातें हो रहीं थी कि धर्म बंट जाएगा, यही बातें तब भी हुईं. हिंदू कोड बिल को लाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका नेहरू जी की भी थी. हम सबका एक धर्म है और वो है भारत का संविधान, जो आपका धर्म है वो घर के अंदर है, घर के बाहर आपका धर्म भारत का संविधान है
क्या है तीन तलाक पर कानून ?
बिल के मुताबिक, जुबानी, लिखित या किसी इलेक्ट्रॉनिक (वॉट्सएप, ईमेल, एसएमएस) तरीके से एकसाथ तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) देना गैरकानूनी और गैर जमानती होगा. इसमें महिला अपने नाबालिग बच्चों की कस्टडी और गुजारा भत्ते का दावा भी कर सकेगी.

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