शिमला में घूमने के प्रमुख स्थान।

शिमला की खूबसूरती काफी पुरानी रही है. हिमाचल प्रदेश में बसा ये शहर ‘हिल स्टेशनों की रानी’ के नाम से जाना जाता है. देश-विदेश के लोगों का ध्यान अपनी खूबसूरती की वजह से अपनी ओर आकर्षित करता है. बर्फ से ढके पहाड़, सुहावनी झीलें, मनमोहक हरियाली सुखद हवाएं ये सब शिमला में देखने को मिलती है.
सांस्कृतिक विरासत परिसर
गेयटी सांस्कृतिक विरासत परिसर एक विक्टोरियन शैली का स्मारक है इसे हेनरी इरविन ने डिजाइन किया था. यह सांस्कृतिक परिसर और टाउन हॉल सन् 1887 में निर्मित किया गया था. इस बिल्डिंग को समय पर जीर्णोद्धार के द्वारा, मूल डिज़ाइन में बदलाव लाए बिना अनुरक्षित करके रखा गया है. इस परिसर के अन्दर स्थित आर्ट गैलरी पारंपरिक और आधुनिक कला को प्रदर्शित करती है. परिसर में ही एक रंगभूमि की सुविधा भी है, जहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.
गुरखा गेट
गुरखा गेट शिमला के सबसे पुराने प्रवेश द्वारों में से एक है. यह वाइसीरीगल लॉज के लिए प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है, यह चौरा मैदान रोड पर स्थित है. इस लॉज का एतिहासिक महत्व है. ब्रिटिश शासनकाल में इसने भारत के वायसराय के निवास स्थान के रूप में अपनी सेवाएँ दी हैं और अब यह ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी’ का भवन है. यह गेट ब्रिटिश साम्राज्य के प्रति गोरखाओं की बहादुरी और निष्ठा के सम्मान में, उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया था. पत्थर की यह संरचना आगंतुकों के लिए एक दिलचस्प दृश्य प्रस्तुत करती है.
माउन्टेन बाइकिंग
पर्यटक शिमला में माउन्टेन बाइकिंग जैसे लोकप्रिय खेल का आनंद भी उठा सकते हैं. आस-पास के पहाड़ी दर्शनीय स्थल जैसे नालदेहरा और सालोग्रा को माउन्टेन बाइकिंग के द्वारा तलाशा जा सकता है. किराए की मोटरबाइक के रेट के लिए मोल-भाव किया जा सकता है.
संकट मोचन मंदिर
संकटमोचन मंदिर 2 प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर कालका – शिमला राजमार्ग पर समुद्र तल से ऊपर 1975 मीटर की ऊंचाई पर है. यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है, और यह शिमला टाउन और शक्तिशाली हिमालय पर्वतमाला के सम्मोहित कर देने वाले मनोरम दृश्यों को प्रदर्शित करता है.

मैनोर्विला हवेली
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पास पास स्थित एक विरासतीय इमारत है. लॉर्ड वावेल के साथ 1945 में, भारत की स्वतंत्रता के बारे में बात करने के लिए, एक बैठक के दौरान महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल और मौलाना आजाद इसी इमारत में रुके थे.
समर हिल
समर हिल, शिमला-रेलवे लाइन पर, समुद्र तल से 1283 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है. आगंतुक इस खूबसूरत जगह के शांत वातावरण में एक प्रकृति वॉक ले सकते हैं. ‘मैनोर्विल हवेली’ और ‘हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय’ इस पहाड़ी पर स्थित हैं.
ग्लेन
ग्लेन शहर के प्रमुख आकर्षक पिकनिक स्पॉट में से एक है, जो रिज से 4 किमी की दूरी पर शिमला के केंद्र में स्थित है. 1830 मीटर की ऊँचाई से गिराने वाली ‘गुर्गलिंग चैडविक’ धारा इस जगह से होकर बहती है. यह स्थान देवदार और पाइन के वृक्षों से घिरा हुआ है.

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