पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्या में दोषी नलिनी 30 दिन के लिए परोल पर बाहर।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या मे दोषी नलिनी श्रीहरन 30 दिन के लिए परोल पर जेल से बाहर आ गई हैं. नलिनी श्रीहरन ने अपनी लड़की की शादी में शामिल होने के लिए परोल ली है. नलिनी ने अपनी बेटी की शादी की तैयारी के लिए मद्रास हाईकोर्ट से 6 महीने की परोल की मांग की थी. कोर्ट ने उसे सिर्फ 30दिन की ही परोल दी है.
राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी उम्रकैद की सजा भुगत रही है और काफी लंबे समय से जेल में बंद है. नलिनी की बेटी लंदन में रहती है. परोल के लिए नलिनी ने व्यक्तिगत रूप से अपने मामले में पैरवी की थी. नलिनी ने अपनी दलील में कहा कि हर दोषी दो साल की जेल की सजा के बाद एक महीने की साधारण छुट्टी का हकदार होता है और उसने पिछले 27 साल में एक बार भी छुट्टी नहीं ली है.
क्या है राजीव गांधी की मौत का मामला?
21 मई 1991 की रात दस बज कर 21 मिनट पर तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक काली सी औरत चंदन का एक हार ले कर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की तरफ बढी. जैसे ही वो राजीव के पैर छूने के लिए झुकी, कानों को बहरा कर देने वाला धमाका हुआ. बम फटते ही चारों तरफ भगदड मच गई. जब धुआँ छटा तो राजीव गाँधी की तलाश शुरू हुई तो राजीव गांधी दुनिया से जा चुके थे. राजीव गांधी से मिलने के दौरान लिट्टे संगठन की आत्मघाती हमलावर महिला ने खुद को उड़ा लिया था. इसके बाद से सभी सातों दोषी 1991 से जेल में कैद हैं. राजीव गांधी हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सात दोषियों में पेरारीवलन, मुरुगन, नलिनी, शांतन, रविचंद्रन, जयकुमार और रॉबर्ट पायस शामिल हैं.

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